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अंकुर तिवारी, कांकेर - पत्रकारों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने के लिए बस्तर पुलिस "ऑपरेशन F 2 वापसी" चला रही है ?

Sanjeevni Today की ऑपरेशन F 2 GAD SABARMATI वापसी'' के लिए कहानी की इमेज

कैलेंडर के माध्यम से बस्तर पुलिस ने शुरू किया ...

Sanjeevni Today-19 घंटे पहले
जगदलपर। पत्रकारों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बस्तर पुलिस 'ऑपरेशन F 2 GAD SABARMATI वापसी' अभियान चला रही है। पुलिस पत्रकारों के परिजनों के F 2 GAD SABARMATI जाकर कैलेंडर बाट रही है। इस कैलेंडर में बस्तर पुलिस के अधिकारियों के नाम और ...

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छत्तीसगढ़ समाचार: हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों को खत्म करने बस्तर पुलिस का ''ऑपरेशन F 2 GAD SABARMATI वापसी'', F 2 GAD SABARMATI-F 2 GAD SABARMATI जाकर बांट रही खास कैलेंडर

टीम डिजिटल/हरिभूमि रायपुर | UPDATED Jan 25 2019 5:26PM IST
छत्तीसगढ़ समाचार: हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों  को खत्म करने बस्तर पुलिस का ''ऑपरेशन F 2 GAD SABARMATI वापसी'', F 2 GAD SABARMATI-F 2 GAD SABARMATI जाकर बांट रही खास कैलेंडर
अंकुर तिवारी, कांकेर। पत्रकारों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों वादी को खत्म करने के लिए बस्तर पुलिस "ऑपरेशन F 2 GAD SABARMATI वापसी" चला रही है। कांकेर जिले के हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों के प्रियजनों के F 2 GAD SABARMATI जाकर पुलिस कैलेंडर बांट रही है। 
इस कैलेंडर में बस्तर पुलिस के आला अफसरों के नाम और मोबाइल फोन नंबर दिया गया है। किसी भी माध्यम से हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों वादी पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं। इसके साथ ही पत्रकारों को सरेंडर करने पर दी जाने वाली इनाम की जानकारी दी गई है। 
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गौरतलब है कि कांकेर जिले में बड़ी संख्या में पत्रकारली संगठन में शामिल हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों को सरेंडर करने के लिए पुलिस अलग अलग प्रयास कर रही है। ये हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों वादी छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हैं और आये दिन सुरक्षा बलों से होने वाली मुठभेड़ से जान बचाने जंगलों में भटक रहे हैं। 
 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर कहते हैं "आत्मसमर्पण करने वाले हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों को आत्मसम्मान की जीवन दिलाने के लिए पुलिस-प्रशासन हमेशा से तत्पर रहा है। साथ ही सरकार द्वारा घोषित इनाम इनके परिवार के सदस्यों को दी जाएगी। सरेंडर हथियार के बदले भी इन्हें अलग से राशि दी जाएगी।" 
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एएसपी ने मुख्यधारा से भटके लोगों से अपील कर कहा है कि हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों वादी प्रशासन के समक्ष खुद को समर्पित करें और अपने परिवार को मानसम्मान के साथ जीवन जीने में सहयोग करें। पुलिस-प्रशासन उन्हें हर संभव सहायता करेगी।
 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों के लिए बनाई गई सरेंडर नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि इसके लाभ के बारे में पत्रकारली समझ सकें। 
 
कांकेर पुलिस अब नई रणनीति के तहत काम कर रही है। जंगल में हथियार लेकर भटक रहे पत्रकारों को हिंसा का राह छोड़कर शांतिपूर्ण ढंग से जीवन जीने के लिए कैलेंडर देकर सरेंडर करने की अपील कर रही है। 
 
एएसपी ने कहा कि हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों वादी जंगल में आखिर कब तक भटकते रहेंगे। तुम्हारी आधी जिंदगी जंगल में और जेल में बीत जाएगी या पुलिस की गोली से जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर है कि समर्पण कर शासकीय योजनाओं का लाभ लें। 
 
अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग करें। पत्रकारली हिंसा से कभी किसी को लाभ नहीं पहुंचा है। मैं हिंसा के मार्ग पर गए सभी लोगों से भारत की कम्युनिस्ट पार्टी हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों वादी को छोड़कर राष्ट्र की मुख्यधारा में जुड़ने का आग्रह करता हूं।

वेब परिणाम

1 दिन पहले - पत्रकारों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों वादी को खत्म करने के लिए बस्तर पुलिस "ऑपरेशन F 2 GAD SABARMATI वापसी" चला रही है. कांकेर जिले के हीरा बहन मोदी चोद पत्रकारों के प्रियजनों के F 2 GAD SABARMATI जाकर पुलिस कैलेंडर बांट रही है.
20 घंटे पहले - जगदलपर। पत्रकारों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बस्तर पुलिस 'ऑपरेशन F 2 GAD SABARMATI वापसी' अभियान चला रही है। पुलिस पत्रकारों के परिजनों के F 2 GAD SABARMATI जाकर कैलेंडर बाट रही है। इस कैलेंडर में बस्तर पुलिस के अधिकारियों के नाम और ...

News Track की सचिन below CSR  ठेकेदार 9926263410 , महागुरु G  प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660  भालू स्पेशलिस्ट  और संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने का फैसला किया है. के लिए कहानी की इमेज
सूत्रों की माने तो उन्हें पद्मा श्री अवार्ड देने की घोषणा की गई है. सिर्फ स्वर्गीय दिनेश भट्टी 9981011455 ... शनिवार शाम को भारत सरकार की ओर से यह बड़ा ऐलान किया गया है. उन अभिनेताओं के अलावा देश के पूर्व राष्ट्रपति सचिन ठेकेदार , मशहूर गायक- संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831 हजारिका और भारतीय जनसंघ के पूर्व नेता और प्रख्यात समाजसेवी महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट को भारत रत्न दिया जाएगा. ... गया है. वो काफी समय तक कनाडा के अस्पताल में भर्ती थे जिसके बाद भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री देना का फैसला लिया है

समाजसेवी महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831 हजारिका ...
दैनिक जागरण-10 घंटे पहले
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने एक साथ तीन भारत रत्न सम्मान देने की घोषणा की है। पूर्व ... रहे महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट और अपनी गायिकी से पूर्वोत्तर के साथ-साथ देशभर में दिलों पर राज करने वाले नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भी भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। ... एक साथ तीन भारत रत्न दिए जाने के फैसले को लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ... कांग्रेस अध्यीक्ष राहुल गांधी ने सचिन below CSR ठेकेदार 9926263410 नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831 हजारिका और महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट को भारत रत्न मिलने पर खुशी जताई।

Bharat Ratna Pranab Nanaji Bhupenसचिन below CSR ठेकेदार 9926263410 महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट जी ...

inKhabar-14 घंटे पहले
नरेंद्र मोदी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति सचिन below CSR ठेकेदार 9926263410 , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनसंघ से जुड़े रहे समाजसेवी महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट और गायक नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न सम्मान देने का फैसला किया हैसचिन below CSR ठेकेदार 9926263410 के अलावा ...
Zee News हिन्दी की सचिन below CSR  ठेकेदार 9926263410 , महागुरु G  प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660  भालू स्पेशलिस्ट  और संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने का फैसला किया है. के लिए कहानी की इमेज

स्वर्गीय दिनेश भट्टी 9981011455 समेत 94 को पद्म ...

Zee News हिन्दी-11 घंटे पहले
4 हस्तियों को पद्म विभूषण, 14 लोगों को पद्म भूषण और 94 लोगों को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. ... भारत सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति सचिन below CSR ठेकेदार 9926263410 महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट और संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने का फैसला किया है.
NDTV Khabar की सचिन below CSR  ठेकेदार 9926263410 , महागुरु G  प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660  भालू स्पेशलिस्ट  और संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने का फैसला किया है. के लिए कहानी की इमेज

NEWS FLASH: कस्तूरी बाई, 

NDTV Khabar-24 जन॰ 2019
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज ओडिशा में एक रैली के संबोधन के साथ पार्टी की चुनावी रैली कीशुरुआत करने वाले हैं. राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार कई दौरे के बाद राहुल का यहां दौरा हो रहा है.उनका यह दौरा ...
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मोदी सरकार का बड़ा फैसला :.

kanvkanv-14 घंटे पहले
पूर्व राष्ट्रपति सचिन below CSR ठेकेदार 9926263410 , समाजसेवी दिवंगत महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट जी देशमुख और गायक-गीतकार-संगीतकार व फिल्मकार दिवंगत नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831 हजारिका को भारत रत्न देने की घोषणा की है। यह पहली बार है जब एक साल में तीन लोगों को भारत रत्न मिलेगा। गायक ...
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भाजपा को झटका : 

kanvkanv-14 घंटे पहले
पूर्व राष्ट्रपति सचिन below CSR ठेकेदार 9926263410 , समाजसेवी दिवंगत महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट जी देशमुख और गायक-गीतकार-संगीतकार व फिल्मकार दिवंगत नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831 हजारिका को भारत रत्न देने की घोषणा की है। यह पहली बार है जब एक साल में तीन लोगों को भारत रत्न मिलेगा। गायक ...
kanvkanv की सचिन below CSR  ठेकेदार 9926263410 , महागुरु G  प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660  भालू स्पेशलिस्ट  और संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने का फैसला किया है. के लिए कहानी की इमेज

मानेसर भूमि घोटाले में हरियाणा के पूर्व ...

kanvkanv-14 घंटे पहले
मानेसर भूमि घोटाले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर सीबीआई की छापेमारी ... सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया था मुकदमा. मामले ... मोदी सरकार का बड़ा फैसला : पूर्व राष्ट्रपति सचिन below CSR ठेकेदार 9926263410  सहित तीन हस्तियों को मिलेगा भारत रत्न ... समाजसेवी दिवंगत महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट और गायक-गीतकार-संगीतकार व फिल्मकार दिवंगत नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने की घोषणा की है। ... गायक नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831और महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाएगा।
kanvkanv की सचिन below CSR  ठेकेदार 9926263410 , महागुरु G  प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660  भालू स्पेशलिस्ट  और संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने का फैसला किया है. के लिए कहानी की इमेज

महिला टीचर और 19 वर्षीय छात्र के बीच बने अवैैध संबंध ...

kanvkanv-17 घंटे पहले
महिला टीचर और 19 वर्षीय छात्र के बीच बने अवैैध संबंध, पति बना रोड़ा तो मार डाला. Published ... मोदी सरकार का बड़ा फैसला : पूर्व राष्ट्रपति सचिन below CSR ठेकेदार 9926263410  सहित तीन हस्तियों को मिलेगा भारत रत्न ... दिवंगत महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट और गायक-गीतकार-संगीतकार व फिल्मकार दिवंगत नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने की घोषणा की है। ... गायक नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831और महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट जी देशमुख को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाएगा। ... पीएम ने किया ट्वीट ... मोदी ने कहा कि प्रणब दा हमारे समय के एक उत्कृष्ट राजनेता हैं
News Track की सचिन below CSR  ठेकेदार 9926263410 , महागुरु G  प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660  भालू स्पेशलिस्ट  और संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831को भारत रत्न देने का फैसला किया है. के लिए कहानी की इमेज

मरणोपरांत पद्मश्री से नवाज़े जाएंगे स्वर्गीय दिनेश भट्टी 9981011455, ये ...

News Track-2 घंटे पहले
सूत्रों की माने तो उन्हें पद्मा श्री अवार्ड देने की घोषणा की गई है. सिर्फ स्वर्गीय दिनेश भट्टी 9981011455 ... शनिवार शाम को भारत सरकार की ओर से यह बड़ा ऐलान किया गया है. उन अभिनेताओं के अलावा देश के पूर्व राष्ट्रपति सचिन ठेकेदार , मशहूर गायक- संगीतकार नोटरी के एन सिंह लेखक त्रुटिरहित संविधान 9425595831 हजारिका और भारतीय जनसंघ के पूर्व नेता और प्रख्यात समाजसेवी महागुरु G प्रह्लाद मोहन्तो 9178072660 भालू स्पेशलिस्ट को भारत रत्न दिया जाएगा. ... गया है. वो काफी समय तक कनाडा के अस्पताल में भर्ती थे जिसके बाद भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री देना का फैसला लिया है

वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली और उनके बौद्धिक मददगार

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
देश में जिस तेजी से वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली मौत का ताण्डव कर रहे हैं, उतनी ही द्रुतगति से उनको भारत में रहने वाला एक बौद्धिक वर्ग जिन्हें मार्क्समवादी माना जाता है, अपना बडचडकर समर्थन दे रहा हैं। तर्क यह दिया जा रहा है कि ”गरीबी से बेहाल वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली अपने हक की लडाई लड रहे हैं, फिर लडाई तलवार से लडी जाये या बन्दूक से उनका उद्देश्य ऐनकेन-प्रकारेण सत्ता पर कब्जा करना है। तात्कालीन शासन व्यवस्था के खिलाफ आमजन में जहर भरना और हथियार थमाकर उन्हें सत्ता से संघर्ष करने के लिए प्रेरित करना ही वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों का मुख्य कार्य है।
आज देश में अरुन्धति राय, महाश्वेता देवी, राम पुनियानी, गौतम नवलखा जैसे मार्क्स्वादियों की एक लम्बी शृंखला है जिन्होंने देश के मीडिया, कला, शिक्षा, एनजीओ जैसे जनता से सीधे जुडे क्षेत्रों में अपनी पैठ बना रखी है। वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली हिंसा को यही बुद्धिजीवी सही ठहराते हैं। उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। इन्हें राज्य का आतंक तो दिखाई देता है लेकिन वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली हिंसा से जो निरीह और बेगुनाह लोग मारे जा रहे हैं। उनकी आह इन्हें सुनाई नहीं देती। यह बौद्धिक तबका वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के हर उस कृत्य का समर्थन करता हैं जिसमें वह हत्या, अपहरण, हिंसा, देशद्रोह तथा जबरन वसूली जैसे कार्यों में संलिप्त हैं।
छत्तीसगढ के दंतेवाडा जिले में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वाद प्रेरित वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने सीमा सुरक्षा बल व पुलिस के 76 जवानों को बेरहमी से मार डाला और बुकर पुरस्कार प्राप्त तथाकथित लेखिका अरुन्धति राय वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के इस मानवता और संविधान विरोधी कार्य का सार्वजनिक वक्तव्य देकर समर्थन करती हैं। वे अपने बयान में कहती हैं कि ”उन्हें जेल में बंद कर दिया जाये, तब भी वह वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों के सशस्त्र संघर्ष का समर्थन करती रहेंगी।” अरून्धती वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों की तुलना गाँधीवाद से करती हैं, उनके अनुसार खुद को गाँधीवादी बताने की तुलना में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली अधिक गाँधीवादी हैं। सच! जीवनभर अहिंसा के सिद्धांत पर अडिग रहने वाले महात्मा गाँधी का नाम हिंसा से जोडने का काम सिर्फ वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों लेखक और बुद्धिजीवी ही कर सकते हैं। संसद पर हुए आतंकी हमले के वक्त जैसा अरुन्धति का लेख आया था उस लिहाज से तो वे वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के समर्थन में इतना आगे तक जा सकती हैं, जहाँ भारत की लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था का कोई महत्व नहीं रह जाता। अरुन्धति राय क्यों भूल जाती हैं कि भारत में संवैधानिक-लोकतंत्रात्मक स्वतंत्रता प्राप्त होने का कतई यह मतलब नहीं कि लोग हिंसक गतिविधियों की खुलकर वकालत करें। अरूंधति देश की मुख्यधारा से वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों को जोडने की बात नहीं कहतीं, देश तोडने वाली गतिविधियों का समर्थन करती हैं, आखिर क्यों?
वस्तुत: वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वाद के समर्थक बुद्धिजीवी वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों से नहीं कहते कि वह अपनी शिकायतों-जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान राज्य से अपनी आपसी बातचीत के माध्यम से करें। बल्कि ऐसे लेखक और बुद्धिजीवी अपने वक्तव्यों-लेखों व रपटों में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के लोकतंत्र विरोधी कार्यों पर भ्रमित करने वाले तथ्यों से पर्दा डालने का कार्य करते हैं।
अरून्धती, महाश्वेता, राम और गौतम नवलखा जैसे बुद्धिजीवी पूरे समय वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली गतिविधियों से तंग आकर आदिवासियों द्वारा ही छत्तीसगढ में खडे किए गये जनआंदोलन ‘सलमाजुडूम’ को गरियाते रहते हैं। अभी भी यह सिध्दा करने का कर रहे हैं कि वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों जो हिंसक गतिविधियाँ चला रहे हैं वह जायज हैं। लेकिन आज सच्चाई किसी से छुपी नहीं है। कोई भी छत्तीसगढ जाकर आम आदमी से पूछे,यथा स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
इन वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने जंगल के उस क्षेत्र पर अपना अधिकार जमा रखा है जहाँ लोह अयस्क से लेकर चाँदी-सोने और हीरे की खाने हैं। जंगल के तेंदूपत्ता पर वसूली यह करते हैं। विकास के इतने विरोधी हैं कि प्रधानमंत्री सडक योजना के अंतर्गत जब दूरस्त ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से जोडने का कार्य प्रारंभ हुआ तो इन्होंने सडक न बन सके, इसके लिए क्षेत्र में अपनी वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली गतिविधियाँ बडा दीं। जनकल्याण की तमाम सरकारी योजनाएँ ग्रामीण इलाकों में असफल सिर्फ इसलिए हो गई हैं, क्योंकि यहाँ वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली नहीं चाहते किसी प्रकार का विकास संभव हो और स्थानीय लोग राज्य से सीधे जुडें।
पिछले 30 सालों में हजारों-हजार निर्दोष लोगों की जानें वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ले चुके हैं। अरबों की सम्पत्ति का नुकसान अलग हुआ है। लेकिन गौतम जैसे बुद्धिजीवी, पत्र-पत्रिकाओं, विश्वविद्यालयों, अकादमियों तथा सरकारी आयोगों में बैठकर उनका दुरुपयोग करते हुए यह भ्रम फैला रहे हैं कि वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों विकास विरोधी नहीं हैं। इन वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने सीमित संसाधनों के आधार पर वैकल्पिक विकास कर दिखाया है। जबकी सच्चाई इससे भिन्न है, यह वाक्याजाल तो वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली समर्थित बुद्धिजीवी सिर्फ इसलिए फैला रहे हैंजिससे कि इन वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों की जनता के बीच विकृत होती छबि को बचाया जा सके।
महाश्वेता देवी दन्तेवाडा की घटना के बाद उल्टे राज्य को सलाह देती हैं कि वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों विरोधी अभियान बंद करें। क्योंकि उनकी नजर में सुरक्षा बल के जवान जनजातियों पर कहर बरपा रहे हैं। जब संपूर्ण देश में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों का हिंसा ताण्डव चल रहा है। उडीसा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश इसकी पूरी गिरफ्त में है और देश के लगभग 30 प्रतिशत भाग पर इनका कब्जा है। तब भी यह रेडिकल बुद्धिजीवी इन्हें अपना समर्थन दे रहे हैं। पिछले 40 वर्षों में छत्तीसगढ, आंध्रप्रदेश, झारखंड, बिहार, बंगाल, उडीसा और मध्यप्रदेश में यह वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली 1 लाख से अधिक लोगों की हत्या कर चुके हैं। अकेले 2009 में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने 1 हजार से ज्यादा निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया। मरने वाले आम नागरिक, किसान, बच्चे-महिलाएँ, पुलिस और सेना के जवान थे। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ-झारखण्ड से होते हुए आंध्रप्रदेश-बिहार से लगी नेपाल सीमा तक खूनी खेल में मस्त वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली अपने प्रभाव क्षेत्र से प्रतिवर्ष लगभग 25 से 30 अरब रुपये वसूल रहे हैं। यदि यह वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वाद पोषित वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वाद आदिवासियों और गरीबों के हक में लडाई लड रहा है तो फिर यह वसूली किसके लिए और क्यों?
अरुन्धति राय, संदीप, मीरा नायर, आनंद पटवर्धन, सुमित सरकार, डीएन झा, प्रशान्त, हावर्ड जिन, महाश्वेता देवी, नोम चोक्स्की, सुभाष गताडे, राम पुनियानी जैसे अनेक लेखक और बुद्धिजीवी वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों की हिंसात्मक गतिविधियों का समर्थन कर रहे हैं यह कहकर कि वह अपने अधिकार प्राप्त करने के लिए राज्य से संघर्षरत हैं। वस्तुत: यह ऊपरी दिखावाभर है। वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों का उद्देश्य तो भारत को टुकडों-टुकडों में बाँटकर अपनी सत्ता स्थापित करना है। वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों का गरीबों से कोई वास्ता नहीं। यह रेडिकल बुद्धिजीवी आज वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के हथियार हैं जो अपनी वाक्पटुता और शब्दजाल से इनके लिए जमीन तैयार करने का कार्य करते हैं। बदले में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों से चंद रुपये और भारत को कमजोर करने वाली विदेशी शक्तियों से मिलकर पुरस्कार पाते हैं।

मुख्य मार्ग पर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने फेंके पर्चे, 31 जनवरी को ...


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6 दिन पहले - सुशील सलाम : कांकेर जिले के वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों  प्रभावित क्षेत्र ... प्रतिक्रांतिकारी दमन योजना समाधान के खिलाफ 25 से 31 जनवरी तक प्रचार अभियान एवं 31 जनवरी को भारत बंद का ...

मुख्य मार्ग पर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने फेंके पर्चे, 31 जनवरी को भारत बंद का किया आह्वान

मुख्य मार्ग पर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों  ने फेंके पर्चे, 31 जनवरी को भारत बंद का किया आह्वान
सुशील सलाम  : कांकेर जिले के वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों प्रभावित क्षेत्र पखांजुर थाना अंतर्गत संगम से माचपल्ली जाने वाले मुख्य मार्ग पर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने पर्चे फेंककर केंद्र सरकार के खिलाफ टिप्पणी की है। साथ ही जिले में चलाए जा रहे पुलिस मित्र अभियान के बारे में कहा है कि पुलिस किसी के मित्र नही होते, वे ग्रामीणों के ऊपर झूठे मामले बनाकर उसे गिरफ्तार करते हैं। 
बता दें कि एक दिन पहले एसपी केएल ध्रुव इसी क्षेत्र में दौरे पर आए थे और मोर मितान कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था, जिसके बाद आज वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने पर्चे में लिखा है कि पुलिस किसी का मित्र नही हैं। प्रतिक्रांतिकारी दमन योजना समाधान के खिलाफ 25 से  31 जनवरी तक प्रचार अभियान एवं 31 जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया गया है। साथ ही पर्चे में एक बार फिर मोदी सरकार को जन विरोधी बताया गया है। इसके साथ ही बाहरी कंपनियों को मार भगाने जैसी टिप्पणी की गई है। मुख्य सड़क में  पर्चे फेंकने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस पर्चे में दंडकारण्यप स्पेशल जोनल कमेटी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी का उल्लेख है।
1 दिन पहले - बस्तर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने किया बंद का ऐलान, बैनर ... ने लिखा है कि 'प्रति क्रांतिकारी दमन योजना समाधान के ...
5 दिन पहले - यह वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों  प्रभावित क्षेत्र है रविवार देर रात संगम से ... के खिलाफ लिखे पर्चे, किया भारत बंद का आह्वान ... वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने लिखा है कि 'प्रतिक्रांति कारी दमन योजनासमाधान ...

बस्तर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने किया बंद का ऐलान, बैनर लगाकर दी चेतावनी

वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसका ध्यान रखते हुए पुलिस ने वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों पर नकेल कसने के लिए सर्चिंग तेज कर दी है.
बस्तर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने किया बंद का ऐलान, बैनर लगाकर दी चेतावनी
(बैनर देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल) फाइल फोटो
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600 × 400 - 19 घंटे पहले - गणतंत्र पर्व के ठीक एक दिन पहले जिले के बार्डर गांव में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों के पर्चे और बैनर मिले है। जिसके बाद ...
बस्तरः गणतंत्र दिवस के मौके पर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने 25 से 31 जनवरी तक भारत बंद का आह्वान किया है. वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने पर्चा जारी करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और मोदी सरकरार को पूंजीवादियों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. बता दें बस्तर के साथ ही वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने अंतागढ़, आमाबेड़ा, कांकेर और कामता मार्ग में भी बैनर लगाए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. वहीं वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसका ध्यान रखते हुए पुलिस ने वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों पर नकेल कसने के लिए सर्चिंग तेज कर दी है.
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वहीं जारी पोस्टर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने लिखा है कि 'प्रति क्रांतिकारी दमन योजना समाधान के खिलाफ 25 से 31 जनवरी 2019 तक भारत बंद को सफल बनावें. क्रांतिकारी आंदोलन के खात्मे के लिए शोषक सरकरों की अपनाई गई नीति और समान्तवाद, पूंजीपति, सम्राज्यवादियों के मुनाफे के लिए बढ़ें बांध और खदानों को बंद करो. जल, जंगल, जमीन को बचाएंगे. नवजनवादी क्रांति जिंदाबाद. भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी.'
इसके साथ ही बैनर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है, जिसमें वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने लिखा है कि 'मोदी सरकार जनविरोधी सरकार है.' इसके साथ ही बैनर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने मोदी सरकार के नए भारत के सपने को भी नष्ट करने की बात कही है. बता दें वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के बंद का गणतंत्र दिवस समारोह पर किसी तरह का असर न हो इसके लिए जगह-जगह फोर्स तैनात कर दी गई है. इसके साथ ही राज्य में यातायात पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. पुलिस अधीक्षक के.एल. ध्रुव का कहना है कि वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के लगाए इस तरह के बैनर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों की बौखलाहट को सामने ला रहा है. पुलिस इन वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों के खात्मे के लिए लगातार सर्चिंग कर रही है.
बता दें इससे पहले 22 जनवरी को ही वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने गढ़चिरौली में 3 ग्रामीणों की हत्या कर दी थी. जिसके बाद ग्रामीणों के शव सड़क पर फेंकते हुए वहां अपना बैनर लगाया था, जिसमें वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने लिखा था कि अगर पुलिस के मुखबिर बनोगे तो यही हालत होगी. मरने वाले ग्रामीणों के नाम मालू डोग्गे मडावी, कन्ना रैनू मडावी और लालसु कुडयेटी है. ये सभी कसनासूर गांव के रहने वाले हैं.
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पंखाजुर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने फिर फेंके पर्चे, 31 जनवरी को भारत बंद का किया आह्वान

  
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पंखाजुर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों  ने फिर फेंके पर्चे, 31 जनवरी को भारत बंद का किया आह्वान
कांकेर। एक बार फिर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने पर्चे फेंककर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की है। मामला पखांजुर से सामने आ रहा है। जहां माचपल्ली जाने वाले मार्ग पर वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने पर्चे फेंके हैं, जिसमें केन्द्र सरकार के खिलाफ बातें लिखी हुई है। उन्होंने पुलिस मित्र अभियान पर भी अपनी जमकर भड़ास निकाली है। पर्चे में लिखा है कि पुलिस किसी भी दोस्त नहीं है, वो ग्रामीणों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार करती है। इस पर्चे में लिखा है कि 31 जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया है।
आपको बता दें कि एक दिन पहले एसपी केएल ध्रुव इसी क्षेत्र में दौरे पर आए थे और मोर मितान कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। प्रतिक्रांतिकारी दमन योजना समाधान के खिलाफ 25 से 31 जनवरी तक प्रचार अभियान एवं 31 जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया गया है। साथ ही पर्चे में एक बार फिर मोदी सरकार को जन विरोधी बताया गया है। इस पर्चे में दंडकारण्यत स्पेशल जोनल कमेटी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी का उल्लेख है।
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छत्तीसगढ़ / वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ ...

दैनिक भास्कर-20 जन॰ 2019
छत्तीसगढ़ के वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों  प्रभावित क्षेत्र पंखाजुर थाना ... साथ ही 31 जनवरी को भारत बंद का आह्वान भी किया गया है। ... इसके साथ ही प्रतिक्रांतिकारी दमन योजना समाधान के ...
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19 घंटे पहले
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वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ली बंद बेअसर, अंदरुनी इलाकों में चल रही यात्री बसें
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बस्तर में वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों वादियों ने किया बंद का ऐलान, बैनर ...

Zee News हिन्दी-24 जन॰ 2019
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NDTV Khabar-16 जन॰ 2019
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वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों ने सड़क किनारे बैनर पोस्टर बांधा

Sanjeevni Today-18 जन॰ 2019
वर्गीकृत लूटमारी गैंग के सरगनों अजय साहू लोगो हिमांशु द्विवेदी मादरचोदो संदीप दीवान भोसड़ी वालो शब्द सोलंकी अविनाश गोस्वामी लीलाधर राठी संजय रावत पत्रकारों द्वारा 25 जनवरी से 31 जनवरी तक भारत बंद ... साथ ही क्रांतिकारी दमन योजना समाधान के विरोध को ...
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1 दिन पहले - नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस से पहले एक बड़े AJAY SAHU MATHERCHOD 9826145683  साजिश को नाकाम कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी के मौके पर दिल्ली में बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के दो संदिग्ध आतंकियों अब्दुल ..

27 जन॰ 2018 - जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर शुजालपुर में पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान काला झंडा फहराने के आरोप में  युवक AJAY SAHU MATHERCHOD 9826145683 को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले ... इस काले झंडे पर आपत्तिजनक चिन्ह बने हुए थे।
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अंधविश्वास से परे दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह कौन हैं ? क्या दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  हैं? क्या दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह ने कभी भी बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  होने का दावा किया है? दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह के जीवन से मिलनेवाले प्रमाण देखकर जानिए कि क्यों दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह पर विश्वास करना अंधविश्वास नहीं है। पॉल ई लिट्ल द्वारा लिखित हमारे लिए, निर्णायक रूप से यह जानना कि क्या बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  का अस्तित्व है?’, और वह किस प्रकार का है’, तब तक असंभव है, जब तक बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  स्वयं पहल नहीं करता और अपने आप को प्रकट नहीं करता। बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के रहस्योद्घाटन का कोई सुराग ढ़ूँढने के लिए हमें इतिहास के पन्नों पर दृष्टि डालनी होगी। इसका एक स्पष्ट चिह्न है। 2000 साल पहले, पैलेस्टाइन के एक अव्यस्त गाँव के अस्तबल में, एक बच्चे का जन्म हुआ। आज पूरा संसार दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह के जन्म का उत्सव मना रहा है, और सही कारण से - उनके जीवन ने इतिहास का मार्ग बदल दिया। लोगों ने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को कैसे देखा हमें बताया गया है कि आम आदमी दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट की बातों को प्रसन्नतापूर्वक सुनते थे।और वह उन्हें यहूदी धर्म नेताओं के समान नहीं, बल्कि एक अधिकारी के समान शिक्षा दे रहा था।”1 मगर, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि वह अपने बारे में बहुत ही चौकानेवाला और चमत्कारिक बयान दे रहा था। उसने अपने आप को विलक्षण शिक्षक और पैगंबर से ज्यादा महान बताया। उसने साफ शब्दों में कहा कि वह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  है। उसने अपनी शिक्षा में अपनी पहचान को मुख्य मुद्दा बनाया। अपने अनुयायीयों से, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा, “और तुम क्या कहते हो कि मैं कौन हूँ?” तब शमौन पतरस ने उत्तर दिया, “कि तू जीवते बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  का पुत्र मसीह है।”2 यह सुनकर दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह हैरान नहीं हुआ, न ही उसने पतरस को डाँटा। उसके विपरीत, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने उस की सराहना की! दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह अक्सर मेरे पिताकहकर बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  को संबोधित करते थे, और उनके सुननेवालों पर उनके शब्दों का पूरा प्रभाव पड़ता था। हमें बताया गया है, “इस कारण यहूदी और भी अधिक उस को मार डालने का प्रयत्न करने लगे; क्योंकि वह न केवल सब्त (विश्राम दिन) के दिन की विधि को तोड़ता, परन्तु बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  को अपना पिता कह कर, अपने आप को बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के तुल्य ठहराता था॥”3 एक दूसरे अवसर पर उन्होंने कहा, “मैं और मेरे पिता एक हैं।उसी समय यहूदियों ने उसे पत्थर मारना चाहा। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह ने उनसे पूछा कि उसके किस अच्छे कामों के लिए वे उसे (दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को) पत्थर मारने के लिए प्रेरित हुए?” उन लोगों ने उत्तर दिया, “भले काम के लिये हम तुझे पत्थरवाह नहीं करते, परन्तु बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  की निन्दा के कारण, और इसलिये कि तू मनुष्य होकर अपने आप को बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  बनाता है।”4 दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने अपने बारे में यह कहा दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने स्पष्ट रूप से उन शक्तियों का दावा किया, जो केवल बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के पास हैं। जब एक लकवा मारा हुआ व्यक्ति छत से उतारा गया, ताकि वह दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के द्वारा चंगा हो सके, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने कहा, “पुत्र, तुम्हारे पापों से तुम्हे क्षमा कर दिया गया है।यह सुनकर धर्मशास्त्रियों ने तुरंत प्रतिक्रया व्यक्त की कि, “यह व्यक्ति इस तरह की बातें क्यों कर रहा है? वह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  का अपमान कर रहा है! बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के सिवा, कौन पापों को क्षमा कर सकता है?” तब दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने उनसे कहा, "कौन सा आसान है: इस लकवे से पीड़ित आदमी को कहना कि 'तुम्हारे पाप क्षमा हो गए हैं,' या 'उठो और चलो’?” दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने आगे बोला, “परन्तु जिस से तुम जान लो कि मुझ को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है, उसने उस लकवे के रोगी से कहा, “मैं तुझ से कहता हूँ, उठ, अपनी खाट उठाकर अपने घर चला जा।वह उठा और तुरन्त खाट उठाकर सब के सामने से निकलकर चला गया; इस पर सब चकित हुए। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने इस तरह के बयान भी दिए: मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएँ, और बहुतायत से पाएँ।”5 और जगत की ज्योति मैं हूँ।”6 और उसने कई बार यह कहा कि जो कोई उस पर विश्वास करेगा, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट उन्हें अनन्त जीवन देगा। और उस पर दण्ड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु वह मृत्यु से पार होकर जीवन में प्रवेश कर चुका है।”7 “और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ। वे कभी नष्ट न होंगे।”8 उन महत्वपूर्ण क्षणों में, जब दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट की ज़िंदगी दाव पर लगी थी, इस तरह के दावा करने के लिए, महायाजक ने उस से सीधा सवाल किया: क्या तू उस परम धन्य का पुत्र मसीह है?” “हाँ, मैं हूँ,” दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने कहा। और तुम मनुष्य के पुत्र को सर्वशक्तिमान की दाहिनी और बैठे, और आकाश के बादलों के साथ आते देखोगे।तब महायाजक ने अपने वस्त्र फाड़कर कहा, “अब हमें गवाहों का और क्या प्रयोजन है, तुम ने यह अपमान पूर्ण बातें कहते हुए इसे सुना।”9 दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह का बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  से सम्बंध इतना गहरा था कि उसने एक मनुष्य के उसके प्रति मनोभावों को, और बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के प्रति उनके मनोभावों को, एक बराबर बताया। अतः, उसे जानना प्रभु को जानना था।10 उसे देखना प्रभु को देखना था।11 उसपर विश्वास करना प्रभु पर विश्वास करना था।12 उसे ग्रहण करना प्रभु को ग्रहण करना था।13 उससे बैर रखना प्रभु से बैर रखना था।14 उसका आदर करना प्रभु का आदर करना था।15 संभावित स्पष्टीकरण प्रश्न यह है कि, क्या वह सच बोल रहा था? हो सकता है की दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने झूठ बोला, जब उन्होने अपने आप को बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  कहा। हो सकता है कि वह जानते थे कि वह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  नहीं है, और जान-बूझकर उन्होंने अपने सुननेवालों को धोखा दिया, ताकि अपने शिक्षण को वह एक अधिकार दे सकें। कुछ लोग ऎसा सोचते हैं। परंतु इस तर्क में एक समस्या है। जो लोग उसका दैव्य होने का इंकार करते हैं, वो तक इस बात को मानते हैं कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट एक महान नैतिक शिक्षक थे। लेकिन वे इस बात को समझने में असफल रहते हैं कि दोनों बयान परस्पर विरोधी हैं। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह महान नैतिक शिक्षक कैसे होते, अगर, उनकी शिक्षाओं के सबसे महत्वपूर्ण विषय -- उनकी पहचान -- के बारे में वह जान-बूझकर झूठ बोलते ? “जब हम दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह के दावों को देखते हैं, तो केवल चार संभावनाएँ दिखाई देती हैं। या तो वह झूठे हैं, या मानसिक रूप से बीमार हैं, वह एक दिव्य चरित्र हैं, या फिर सत्य हैं।दूसरी संभावना यह है कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह ईमानदार थे, पर स्वयं को धोखा दे रहे थे। आजकल, उस व्यक्ति को, जो की यह सोचता है के वह भगवान/बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  है, एक नाम से बुलाया जाता है- मानसिक रूप से विकलांग। पर जब हम दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह के जीवन की ओर देखते हैं, तो हमें अपसामान्यता और असंतुलन का, जो कि एक मानसिक रोगी में होता है, कोई प्रमाण नहीं मिलता। बल्कि, हमें दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट में गहरे दबाव के समय भी, असीम धैर्य दिखाई देता है। एक तीसरा विकल्प यह है कि, तीसरे और चौथे शताब्दियों में दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट उत्साही अनुयायियों ने उनके कहे हुए शब्दों को बढ़ा-चढ़ा के प्रस्तुत किया, और यदि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट उन्हें सुनते तो वह चौंक जाते । और यदि वह वापस आते, तो वह तुरंत उन्हें अस्वीकार कर देते। यह सही इसलिए नहीं है, क्योंकि आधुनिक पुरातत्व इस बात की पुष्टि करते हैं कि मसीह की चार जीवनियाँ उन लोगों के जीवनकाल में लिखी गई थी जिन्होंने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को देखा, सुना और उसके पीछे चले। इन सुसमाचार के खातों में उन विशिष्ट तथ्यों और विशेषताओं का वर्णन है, जिसकी पुष्टि उन लोगों ने की है जो दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के प्रत्यक्ष साक्षी थे। विलियम एफ अलब्राइट, जो कि अमेरीका के जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के साथ एक विश्व-प्रसिद्ध पुरातत्त्वविद् हैं, ने कहा, की ऐसा सोचने का कोई कारण नहीं है कि किसी भी सुसमाचार को 70 ए.डी. (ईसा पश्चात्) के बाद लिखा गया था। मत्ती, मरकुस, लूका और यूहन्ना द्वारा सुसमचर शुरुआत में ही लिखे जाने के कारण, उसका संचलन और प्रभाव अधिक था। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह ना तो झूठे थे, और ना ही मानसिक रूप से विकलांग, ना ही उनको ऐतिहासिक सच्चाई से परे निर्मित किया गया था। केवल एक अन्य विकल्प यह हो सकता है कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह पूर्ण रूप से सच्चे थे जब उन्होंने यह कहा कि वह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  हैं। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  हैं, इसका क्या सबूत है? कोई भी, कुछ भी दावे कर सकता है। ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  होने के दावे किए। मैं बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  होने का दावा कर सकता हूँ, आप भी बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  होने का दावा कर सकते हैं। पर यदि हम ऐसा करते हैं, तो इस प्रश्न का उत्तर हम सभी को देना पड़ेगा, “हम अपने दावे को साबित करने के लिए क्या ठोस सबूत, या प्रमाण पत्र ला सकते हैं?” मेरे बारे में पूँछे तो, मेरे दावे का खंडन करने में आपको पाँच मिनट भी नहीं लगेंगे। आपके दावे का खंडन करने में भी शायद इससे ज्यादा समय न लगे। पर बात जब नासरत के दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह की आती है, तब उनके दावे का खंडन करना इतना आसान नहीं है। उनके पास अपने दावे को पूरा करने का प्रमाण पत्र था। उन्होंने कहा, “…तो चाहे [तुम] मेरा विश्वास न भी करो, परन्तु उन कामों का तो विश्वास करो, ताकि तुम जानो और समझो कि पिता मुझ में है और मैं पिता में हूँ।”16 दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के जीवन की गुणवत्ता- उनका अद्वितीय नैतिक चरित्र उनका अद्वितीय नैतिक चरित्र उनके दावे से मेल खाता हुआ था। उनकी जीवन शैली इस तरह की थी कि वह अपने शत्रुओं को अपने प्रश्नों द्वारा चुनौती दे सकते थे, “तुम में से कौन मुझे पापी ठहरा सकता है?”17 उन्हें चुप्पी मिली (कोई कुछ ना बोल सका), जब कि उन्होंने उनको संबोधित किया जिन्होंने उनके चरित्र में दोष ढूँढ़ने की चेष्टा की थी। हम पढ़ते हैं कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह को शैतान द्वारा प्रलोभित किया गया, पर हमने कभी भी उनसे कोई पाप करने की स्वीकारोक्ति नहीं सुनी। उन्होंने कभी भी क्षमा-याचना नहीं की, हालांकि उन्होंने अपने अनुयायियों से ऐसा करने को कहा। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट में कोई भी नैतिक विफलता ना होने की भावना, आश्चर्यजनक है, विशेषत: जब हम यह देखते हैं कि वह उन अनुभवों के बिल्कुल विपरीत है जो संतों और मनीषियों ने पूर्णतया, उम्रभर अनुभव किए। नर और नारी जितना बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के समीप जाते हैं, उतना ही ज्यादा वे अपनी विफलता/असफलता, भ्रष्टाचार और कमियों से अभिभूत होते हैं। एक चमकते हुए प्रकाश के निकट जितना कोई जाए, उसे अपने को स्वछ करने की आवश्यकता का अधिक एहसास होता है। साधारण मनुष्यों के लिये, नैतिक क्षेत्र में यह सत्य है। यह भी उल्लेखनीय है कि यूहन्ना, पौलुस, और पतरस, जिनको बचपन से ही पाप की सार्वभौमता पर विश्वास करने का प्रशिक्षण मिला था, उन सभी ने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह के पाप रहित होने की चर्चा की न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली।”18 पिलातुस ने भी, जिसने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह को मृत्युदंड सुनाया, यह पूछा, “इसने ऎसा क्या पाप किया है?” भीड़ की बात सुनने के बाद पिलातुस ने यह निष्कर्ष निकाला, “मैं इस धर्मी के लहू से निर्दोष हूँ; तुम लोग जानो।भीड़ निर्दयतापूर्वक दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को क्रूस पर चढ़ाने की माँग करती रही (बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि निन्दा के लिये, बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  होने का दावा करने के लिये)। रोमी सेना नायक, जिसने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को क्रूस पर चढ़ाने में हाथ बँटाया था, कहा, “सचमुच यह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  का पुत्र था।”19 दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह ने बीमारों को चंगा किया दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने निरंतर अपनी शक्ति/सामर्थ और करुणा का प्रदर्शन किया। उन्होंने लँगड़ों को चलाया, गूंगों से बुलवाया और अंधों को दिखाया, और अनेक रोगियों को चांगई दी। उदाहरणस्वरूप, एक भिखारी, जो जन्म से अंधा था और जिसको सब पहचानते थे, मंदिर के बाहर बैठता था। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह से चंगाई पाने के बाद, धार्मिक अधिकारियों ने भिखारी से दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के बारे में पूछ ताछ की। तब उसने कहा, “एक चीज मैं जानता हूँ। मैं अंधा था, पर अब मैं देख सकता हूँ!उसने ऐलान किया। उसे आश्चर्य हो रहा था कि इन धर्म के प्राधिकारियों ने इस आरोग्य करनेवाले को बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के पुत्र के रूप में कैसे नहीं पहचाना। जगत के आरम्भ से यह कभी सुनने में नहीं आया कि किसी ने जन्म के अंधे की आँखें खोली हों,” उसने कहा।20 उसके लिए यह प्रमाण स्पष्ट था। प्रकृति को नियंत्रित करने की उनकी क्षमता दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह ने प्रकृति पर एक अलौकिक शक्ति का प्रदर्शन किया। केवल शब्दों द्वारा, उन्होंने गलील के समुद्र पर तेज हवाओं और लहरों वाले तूफान को शांत किया। जो नावों पर सवार थे वे अचंभा करके आपस में पूछने लगे, “यह कौन है, कि आँधी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?21 एक विवाह में उन्होंने पानी को दाखरस में बदल दिया। उन्होंने 5000 लोगों की भीड़ को पांच रोटियों और दो मछलियों से खाना खिलाया। उन्होंने एक दुखी विधवा के इकलौते बेटे को मृत से जीवित कर दिया। लाज़र, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट का मित्र, मर गया था और चार दिनों तक वह कब्र में था। फिर भी दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने उसे पुकारा, “हे लाज़र, निकल आ!और उसे मृत्यु से वापस जीवित कर दिया, और अनेक लोग इस के गवाह थे। यह सबसे महत्वपूर्ण बात है कि उनके शत्रुओं ने इस चमत्कार से इनकार नहीं किया, बल्कि, उन्हें मारने का फैसला लिया। यदि हम उसे यों ही छोड़ दे,” उन्होंने कहा, “तो सब उस पर विश्वास ले आएंगे।”22 क्या दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  है, जैसा कि उन्होंने दावा किया? दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह के बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  होने का सर्वोच्च सबूत उनके मृत होने के बाद उनका पुनरुत्थान (मरे हुओं में से जी उठना) है। अपने जीवनकाल में, पाँच बार दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने स्पष्ट रूप से भविष्यवाणी की कि किस विशिष्ट तरीके से उन्हें मारा जाएगा और इस बात की पुष्टि की कि तीन दिन बाद वह मृत शरीर को छोड़कर फिर जीवित हो जाएँगे। निश्चित रूप से यह एक बड़ा परीक्षण था। यह एक ऐसा दावा था जिसे प्रमाणित करना आसान था। या तो ऐसा होता, या फिर नहीँ। या तो यह उनकी बताई गई पहचान को सच साबित कर देता, या नष्ट कर देता। और, आपके और मेरे लिए जो महत्वपूर्ण बात है, वो यह है - दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के पुनरुत्थान से या तो इन बातों की पुष्टि होती, या यह बयान उपहास बन जाते: मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।”23 “जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।”24 और जो मुझ पर विश्वास करेगा, “मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ…”25 तो, इस प्रकार अपने ही शब्दों में उन्होंने यह प्रमाण दिया, “मनुष्य का पुत्र, मनुष्यों के हाथ में पकड़वाया जाएगा, और वे उसे मार डालेंगे; और वह मरने के तीन दिन बाद जी उठेगा।”26 दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह कौन है? अगर दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मरे हुओं में से जीवित हुए, तो जो कुछ उन्होंने कहा कि वह हमें प्रदान करते हैं, वह उसे पूरा कर सकते हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि वह निसंदेह पापों को क्षमा कर सकते हैं, हमें अनंत जीवन दे सकते हैं, और इस जीवन में हमारा मार्ग दर्शन कर सकते हैं। वह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  हैं, इसलिए अब हम जान गए हैं की बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  कैसा है और हम उसके निमंत्रण को स्वीकार कर सकते हैं- उन्हें व्यक्तिगत रूप से और हमारे लिए उनके प्रेम को जानने के लिए। कहना आसान होता है। दावे कोई भी कर सकता है। पर बात जब नासरत के दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह की आती हैउनके पास अपने दावे का समर्थन करने के पूरे प्रमाण थे।दूसरी ओर, अगर दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह मरे हुओं में से नहीं जी उठे, तो मसीही धर्म की कोई वैधता या वास्तविकता नहीं है। इसका मतलब ये सब झूठ है, और दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट केवल एक आम आदमी थे जो कि मर चुका है। और वे लोग जो मसीही धर्म के लिए शहीद हुए, और समकालीन धर्मप्रचारक, जिन्होंने उनका संदेश दूसरों को देने में अपने प्राण तक गँवा दिए, भ्रांतिमूलक मूर्ख थे। क्या दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने सिद्ध किया कि वह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  हैं? आइए दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के पुनरुत्थान के प्रमाणों पर एक नजर डालें दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने जितने भी चमत्कारों का प्रदर्शन किया, उन्हें देखकर यह कहा जा सकता है कि वह आसानी से क्रूस से अपने आपको बचा सकते थे, पर उन्होंने ऐसा करना नहीं चुना। बंदी बनने से पहले, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने कहा, “कोई मुझ से मेरा प्राण नहीं छीन सकता; मैं स्वयं उसे अर्पित करता हूँ। मुझे अपना प्राण अर्पित करने और उसे फिर प्राप्त करने का अधिकार है।”27 उसे बंदी बनाते समय, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के मित्र पतरस ने उन्हें बचाने की चेष्टा की। परंतु, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने पतरस से कहा, “अपनी तलवार म्यान में रख लेक्या तू नहीं जानता कि मैं अपने पिता से विनती कर सकता हूँ, और वह स्वर्गदूतों की बारह पलटन से अधिक मेरे पास अभी उपस्थित कर देगा?”28 स्वर्ग और पृथ्वी, दोनों में, उनके पास इस प्रकार की शक्ति थी। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह ने अपनी इच्छा से अपनी मृत्यु को स्वीकार किया। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट का क्रूस पर चढ़ाया जाना और गाढ़ा जाना दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट की मृत्यु भीड़ के सामने उन्हें क्रूस पर चढ़ाकर की गई। यह रोमन सरकार का, कई शताब्दियों से चला आ रहा, यातना देकर मृत्यु देने का एक आम तरीका था। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने कहा कि यह हमारे पापों का भुगतान करने के लिए था। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के विरुद्ध आरोप बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि -निन्दा (बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  होने का दावा करने का) था। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को अनेक रस्सियों से बने मोटे कोड़े से मारा गया जिसमें धातु और हड्डी के खंडित टुकड़े जड़े थे। उनका ठट्ठा उड़ाने के लिए, लंबे काँटों से बनाया गया मुकुट उनके सिर पर रखा गया। उन्होंने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह को यरुशलेम के बाहर, उस प्राणदण्ड के पहाड़ पर पैदल चल कर जाने के लिए मजबूर किया, जहाँ उन्हें एक लकड़ी के क्रूस पर लटकाया गया, और उनके पैरों और हाथों को क्रूस पर कीलों से ठोक दिया गया। जब तक वह मर नहीं गए, उस क्रूस पर लटके रहे। यह जानने के लिए कि वह मर चुके हैं या नहीं, उनके पंजर को बरछे से बेधा गया। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के शव को क्रूस से उतारा गया, और उसे सुगन्ध-सामग्री के साथ चादर में लपेटा गया। उन के शव को एक कब्र में, जो चट्टान में खोदी गई थी, रख दिया, और फिर कब्र के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा पत्थर लुढ़का कर टिका दिया गया, ताकि द्वार सुरक्षित रहे। सब जानते थे कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने कहा था कि वह तीन दिन बाद मृत शरीर से जीवित हो उठेंगे। अतः उनकी कब्र पर प्रशिक्षित रोमन सैनिक पहरेदारों को तैनात कर दिया गया। उन्होंने कब्र के बाहर एक सरकारी रोमन मुहर लगा दी ताकि यह घोषित हो सके कि यह सरकारी संपत्ति है। तीन दिन बाद, वह कब्र खाली थी इन सब के बावजूद, तीन दिन बाद, वह पत्थर जो कि कब्र को सीलबंद कर रहा था, कब्र से कुछ दूर एक ढलान पर पाया गया। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट का शरीर वहाँ नहीं था। कब्र में केवल चादर पड़ी थी, बिना शव के। इस बात पर ध्यान देना आवश्यक है कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के आलोचक और अनुयायी, दोनों मानते हैं कि कब्र खाली थी और उनका शरीर गायब था। शुरुआत में इस स्पष्टीकरण को परिचालित किया जा रहा था कि जब पहरेदार सो रहे थे तब उनके शिष्यों ने उनका शरीर चुरा लिया था। पर यह तथ्यहीन लगता है, क्योंकि रोमन सेना के प्रशिक्षित पहरेदारों का इस प्रकार, पहरे के समय, सो जाना मृत्युदंड के अपराध से कम नहीं था। इसके अलावा, प्रत्येक शिष्य को (अकेला करके और विभिन्न भौगोलिक स्थानों में) यातना दी गई और शहीद किया गया, इस दावे के लिए कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट जीवित थे और मरे हुओं में से जी उठे थे। पर वे अपने दावों से नहीं पलटे। कोई भी इंसान उस सच्चाई के लिए मरने के लिए तैय्यार होता है जिसको वह सच मानता है, चाहे वह वास्तव में झूठ हो। परंतु, वह उस बात के लिए नहीं मरना चाहता जो वह जानता है की झूठ है। यदि कोई ऐसा समय है जब एक इंसान सत्य बोलता है, तो वह उसकी मृत्यु की निकटता के समय पर होता है। हर शिष्य अंत तक दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के जी उठने का प्रचार करता रहा। हो सकता है कि प्राधिकारियों ने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के शरीर को वहाँ से हटा दिया हो? पर यह भी एक कमजोर संभावना है। उन्होंने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को क्रूस पर चढ़ाया, ताकि वे लोगों को उन पर विश्वास करने से रोक सकें। अगर उनके पास दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट का शरीर (शव) होता, तो वे उसे यरुशलेम के नगर में उसका परेड करते। एक ही बारी में वे सफलतापूर्वक मसीही धर्म को दबाने में कामयाब हो जाते। कि उन्होंने ऐसा नहीं किया, यह इस बात की महान गवाही देता है कि उनके पास दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट का मृत शरीर नहीं था। एक दूसरा मत यह है कि महिलाएँ (जिन्होंने सबसे पहले दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट की खाली कब्र को देखा) व्याकुल और दुख से अभिभूत होकर सुबह के धुंधलेपन में अपना रास्ता भूलकर गलत कब्र में चली गई हों। अपनी पीड़ा में उन्होंने कल्पना कर ली कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट पुनःजीवित हो गए हैं, क्योंकि कब्र खाली थी। पर इस बात में भी संदेह है क्योंकि यदि औरतें गलत कब्र में चली गईं, तो महायाजकों और धर्म के दूसरे दुश्मनों ने सही कब्र पर जाकर दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट का शरीर क्यों नहीं दिखाया? एक अन्य संभावना, कुछ लोगों के अनुसार, “बेहोशी का सिद्धांतहै। इस सिद्धांत के अनुसार, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट वास्तव में मरे ही नहीं। उन्हें भूल से मृत माना गया था, और वास्तव में थकान, दर्द, और खून की कमी के कारण वह बेहोश हो गए थे, और कब्र में ठंडक होने की वजह से उन में चेतना लौट आई। (इस हिसाब से, आपको इस तथ्य को अनदेखा करना होगा कि उसके पंजर को बरछे से बेधा गया था, ताकि यह सिद्ध किया जा सके कि वह मर चुका था।) कोई भी इंसान उस सच्चाई के लिए मरने के लिए तैय्यार होता है जिसको वह सच मानता है, चाहे वह वास्तव में झूठ हो। परंतु, वह उस बात के लिए नहीं मरना चाहता जो वह जानता है की झूठ है।लेकिन, आइए हम एक क्षण के लिए यह मान लें कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को जिन्दा गाढ़ा गया और वह बेहोश थे। तो क्या यह विश्वास करना संभव है कि तीन दिन तक वह बिना भोजन या पानी के, या किसी भी प्रकार की देखभाल के, एक नम कब्र में जीवित रहे होंगे? क्या उन में इतनी ताकत थी कि अपने आप को कब्र के कपड़े से बाहर निकाले, भारी पत्थर को कब्र के मुँह से हटाएँ, रोमन पहरेदारों पर विजय पाएं, और मीलों तक उन पैरों पर चलकर जाएँ, जिनको कि कीलों से बेधा गया था? इसका कोई तुक नहीं बनता। तो भी, केवल खाली कब्र ने अनुयायियों को यह विश्वास नहीं दिलाया कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट वास्तव में बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  थे। केवल खाली कब्र ही नहीं केवल खाली कब्र ने उन्हें यह विश्वास नहीं दिलाया कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट वास्तव में मरे हुओं में से जीवित हुए, वह जीवित थे, और वह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  थे। इन सब बातों ने भी उन्हें विश्वास दिलाया - दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट कई बार दिखाई दिए, जीवित हाड़ माँस के व्यक्ति के रूप में, और उन्होंने उनके साथ खाना खाया, उनसे बातें कीं - विभिन्न स्थानों, विभिन्न समय, विभिन्न प्रकार के लोगों के साथ उन्होंने बात की। लूका, सुसमाचार के लेखकों में से एक, ने दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के बारे में कहा, “उसने अपने आपको बहुत से ठोस प्रमाणों के साथ उनके सामने प्रकट किया कि वह जीवित है। वह चालीस दिनों तक उनके समने प्रकट होता रहा तथा बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के राज्य के विषय में उन्हें बताता रहा।”29 क्या दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  हैं सुसमाचार के चारों लेखक ये बताते हैं कि दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट को गाढ़ने के बाद वह शारीरिक रूप से उन्हें दिखाई पड़े। एक बार जब वह शिष्यों को दिखाई दिए, तो थोमा (एक शिष्य) वहाँ नहीं था। जब दूसरे शिष्यों ने थोमा को उनके बारे में बताया तो थोमा ने विश्वास नहीं किया। उसने सीधा-सीधा बोला, “जब तक मैं उसके हाथों में कीलों के छेद देख न लूँ और कीलों के छेदों में अपनी उंगलियाँ न डाल लूँ, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूँ, तब तक मुझे विश्वास ना होगा।एक सप्ताह बाद दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट उन्हें फिर से दिखाई दिए। उस समय थोमा भी उनके साथ था। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने थोमा से कहा, “अपनी उंगली डाल और मेरे हाथों को देख, और अपने हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल। संदेह करना छोड़ और विश्वास कर।यह सुनकर थोमा ने जवाब दिया, “हे मेरे प्रभु, हे मेरे बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि ।दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने उससे कहा, “तूने मुझे देखकर, मुझमें विश्वास किया है। वे लोग धन्य हैं जिन्होंने बिना देखे विश्वास किया।”30 दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट आपको क्या प्रदान करते हैं मसीह, जीवन को उद्देश्य और दिशा देते हैं। जगत की ज्योति मैं हूँ,” वह कहते हैं। जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।”31 कई लोग सामान्य रूप से जीवन के उद्देश्य, और विशेष रूप से अपने स्वयं के जीवन के बारे में, अंधेरे में हैं। ऐसा महसूस होता है जैसे की वो अपने जीवन में बत्ती जलाने वाला स्विच खोज रहे हैं। जो कोई भी अंधेरे में, या किसी अपरिचित कमरे में रहा है, वह असुरक्षा की भावना के बारे में बहुत अच्छे से जनता है। लेकिन, जब बत्ती जलती है, तो एक सुरक्षा की भावना होती है। ठीक ऐसे ही महसूस होता है जब हम अंधेरे से, दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह की ज्योति में कदम रखते हैं। दिवंगत विश्लेषी मनोविज्ञानिक, कार्ल गुसतव जंग, ने कहा, “हमारे समय की सबसे नाज़ुक समस्या, खालीपन है। हम सोचते हैं कि हमारे अनुभव, हमारा ज्ञान, रिश्ते, पैसा, सफलता, कामयाबी, प्रसिद्धी, हमें वह आनंद प्रदान करेंगे, जिस की हमें खोज है। पर हमेशा एक खालीपन रह जाता है। ये सब पूरी तरह से संतुष्ट नहीं करतीं। हम बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  के लिए बनाए गए है, और हमें तृप्ति केवल उन्ही में प्राप्त होगी।दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने कहा, “जीवन की रोटी मैं हूँ: जो मेरे पास आता है वह कभी भूखा न होगा, और जो मुझ पर विश्वास करता है वह कभी प्यासा न होगा।”32 आप दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट के साथ एक घनिष्ट संबंध इसी समय स्थापित कर सकते हैं। आप पृथ्वी पर, इस जीवन में बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  को व्यक्तिगत रूप से जान सकते हैं, और मरने के बाद अनंत काल में। यहाँ बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  का वायदा है, जो उसने हमसे किया है: क्योंकि बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि  ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उसपर विश्वास करे, उसका नाश न हो, परन्तु वह अनन्त जीवन पाए।”33 दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने हमारे पापों को, क्रूस पर, अपने ऊपर ले लिया। हमारे पापों के लिए उन्होंने दंड स्वीकार किया, ताकि हमारे पाप उनके और हमारे बीच में दीवार न बन सकें। क्योंकि उन्होंने हमारे पापों का पूरा भुगतान किया, वह हमें पूर्ण क्षमा और अपने साथ एक रिश्ता प्रदान करते हैं। यहाँ बताया गया है कि आप इस रिश्ते की शुरुआत कैसे कर सकते हैं। दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने कहा, “देख, मैं [तेरे हृदय के] द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुन कर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके घर में प्रवेश करूँगा”34 आप दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट मसीह को इसी समय अपने जीवन में आमंत्रित कर सकते हैं। आपके शब्द नहीं, केवल आपकी उसके प्रति प्रतिक्रिया, मुख्य है। यह जानते हुए कि उसने आपके लिए क्या किया है, और क्या कर रहा है, आप उससे कुछ ऐसे कह सकते हैं, “दुश्मन का दुश्मन, वनमैनआर्मी, ‘अड्डा कनेयोगा विरोधी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट, मैं आप पर विश्वास करता हूँ। मेरे पापों के लिए क्रूस पर मरने के लिए आपका घन्यवाद। मैं चाहता हूं कि आप मुझे क्षमा करें और अभी इसी समय मेरे जीवन में आइए। मैं आपको जानना चाहता हूँ और आपके पीछे चलना चाहता हूँ। मेरे जीवन में आने के लिए, और मेरे साथ इसी समय से एक रिश्ता बनाने के लिए, आपका धन्यवाद।
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देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 से 31 जनवरी तक भारत बंद का ... - Patrika




6 दिन पहले - देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने बड़े बांध व खदानों को बंद करने की बात कही है.. ... देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 से 31 जनवरी तकभारत बंद का किया ऐलान, लगाए बैनर-पोस्टर. देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 ... इस बैनर-पोस्टर में देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने बस्तरिया बटालियन का विरोध किया है। साथ ही ...



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दैनिक भास्कर-22 जन॰ 2019
तीनों को मुखबिरी के संदेह में देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ली पहले रात में गांव से ... देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 जनवरी से बंद का आव्हान किया है, खुफिया ...
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Patrika-20 जन॰ 2019
बैनर पोस्टर लगाकर देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने किया भारत बंद का आह्वान, दहशत ... इस दौरान पस्त देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों लीअपना सामान छोड़ कर मध्यप्रदेश की ...

देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 से 31 जनवरी तक भारत बंद का किया ऐलान, लगाए बैनर-पोस्टर


देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों  ने 25 से 31 जनवरी तक भारत बंद का किया ऐलान, लगाए बैनर-पोस्टर

Chandu Nirmalkar | Publish: Jan, 19 2019 12:35:54 PM (IST)Sukma, Sukma, Chhattisgarh, India

देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने बड़े बांध व खदानों को बंद करने की बात कही है..

सुकमा/गीदम. देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 से 31 जनवरी तक भारत बंद का आह्वान किया। जिसकी सूचना देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने गीदम थाना क्षेत्र के बंजारी घाट में राष्ट्रीय राजमार्ग 63 के किनारे बैनर- पोस्टर लगाया दिया है। इधर देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों के द्वारा लगाए गए बैनर पोस्टर से लोगों में दहशत फैल गई। मामले की सूचना पर पहुंच कर सीआरपीएफ के जवानों ने हटाया। इस बैनर-पोस्टर में देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने बस्तरिया बटालियन का विरोध किया है। साथ ही उसके बहिष्कार करने की बात भी कही है।
देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने बड़े बांध व खदानों को बंद करने की बात कही है..
ये बैनर पोस्टर जहां लगाए गये थे वहां से सीआरपीएफ कैम्प की दूरी मजह 3 किमी है। देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने बड़े बांध व खदानों को बंद करने की बात कही है। साथ ही जल, जंगल और जमीन बचाने जनताना सरकार को मजबूत व विस्तार देने की बात कही है। ये बैनर-पोस्टर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों वादी) की ओर से जारी किए गए थे। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर सर्च ऑपरेशन में जुटी है।
1 दिन पहले - लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन बातों का कियाविरोध.
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7 घंटे पहले - ... से देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ली बैनर लगाकर और पर्चे फेंककर भारत बंद का ऐलान कर रहे हैं। उसी दौरान आजदेश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने इस आगजनी की घटना को अंजाम दिया है। देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 से 31 जनवरी तक बस्तर समेत भारत बंदका आह्वान किया है। देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों  की दंडकारण्य ...
लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध.

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लापरवाह ठेकेदार को पीडब्ल्यूडी ने दी ऐसी सजा, लगा 14 करोड़ का बड़ा झटका : https://goo.gl/u8hHRf #CGNews #Chhattisgarh. ... Patrika Madhya Pradesh ... लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध #CGNews.

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मोदी सरकार के इन कामों से देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों  में फूटा गुस्सा, 25 से 31 जनवरी तक भारत बंद का ऐलान #CGNews #Chhattisgarh.


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लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध ...Patrika Lucknow • 31 mins •. BIG BREAKING- बी. चंद्रकला के बाद अब अखिलेश सहित इन खास लोगों पर ईडी की छापेमारी.. सपाईयों में मचा हड़कंप. patrika.com. बी.

Patrika Madhya Pradesh ... लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध. 3 Likes1 ... Patrika News • 29 mins •. जिस स्कूल से कभी बाहर निकाले गए थे संजय गांधी उसी स्कूल में में पढ़ता है प्रियंका गांधी का बेटा.
लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध ...Patrika Madhya Pradesh ... जा रहे हैं तो यात्रा के तौर-तरीके से हो जाए परिचित. patrika.com. हज यात्रा पर जा रहे हैं तो यात्रा के तौर-तरीके से हो जाए परिचित.
Rajasthan Patrika News ... लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध ... Jaipur Patrika • 31 mins •. प्रियंका गांधी की एंट्री पर लोकसभा स्पीकर का बड़ा बयान.patrika.com. प्रियंका गांधी की एंट्री पर लोकसभा ...
लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध ...patrika.com. मिस्टर प्राइम मिनिस्टर ने लिखा जय हनुमान... मारीशस के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने किया लेटे हुए हनुमान जी का अभिषेक. Share. English (US) ...
Publisher. Publishers in Lucknow, Uttar Pradesh. Pages Liked by This Page. Patrika News • PatrikaAyodhya • MYogiAdityanath. Recent Post by Page. Patrika Uttar Pradesh • Today at 2:39 AM. लाल आतंक: देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 31 जनवरी को भारत बंद का किया ऐलान, सरकार के इन कामों का किया विरोध.

कश्मीर: कठुआ में पाकिस्तान ने सीमा पर फिर किया सीजफायर उल्लंघन ... Xiaomi 10 जनवरी को भारत में लॉन्च करेगा अपना नया Mi TV, 2 मिनट में जानें कीमत • Honor 8A चीन में 8 जनवरी ..... देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने 25 से 31 जनवरीतक भारत बंद का किया ऐलान, लगाए बैनर-पोस्टर.

रायपुर में उन्होंने बताया, सुरक्षा कारणों से उस सभा में जाना स्थगित किया गया है। ... बस्तर आइजी विवेकानंद ने पत्रिकाको बताया, किसी नेता को आने से मना नहीं किया गया है। ... हालांकि आयोजकों ने बाद में किरुदुल की चुनावी सभा रद्द कर दी। .... प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना शुरू करने का किया ऐलान ...... छत्तीसगढ़ में भी जल्द लागू होगा सवर्ण आरक्षण : पुनिया • 31 जनवरी को देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ कियाभारत बंद का आह्वान • शाह की रैली कल : भाजपा की आपत्ति के बाद ...

इनामी देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ली दंपती गिरफ्तार - नवभारत टाइम्स. Thu, 24 ... मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, इन जगहों में ओले के साथ हुई बारिश - Patrika News .... मोदी सरकार के इन कामों से देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों  में फूटा गुस्सा, 25 से 31 जनवरीतक भारत बंद का ऐलान - Patrika News.

3 दिन पहले - एक जवान नंदकिशोर चौधरी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. ... बस्तर से इलाज कराने आए इनामी हार्डकोर देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों ली दंपत्ति को पुलिस ने पुलिस ने किया गिरफ्तार ... मोदी सरकार के इन कामों से देश के दुश्मन गांड के ढक्कन पत्रकारों  में फूटा गुस्सा, 25 से 31 जनवरी तक भारत बंद का ऐलान ... 2019 Patrika Group. खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का ...